टूट गया वो
मुझको तराशते तराशते...
में बेवकूफ खुद को बदल न पाया,
था वो बेशकीमती सख्श मेरा
जिसको कभी संभाल न पाया
अब बदलने के अलावा
कोई option नही रहा मेरे पास
पर सवाल है ये की क्या
होगा थोडासा यकीन भी उसको मेरे पास....??!?
Consius level पर ज्यादा वही जी सकता है, जिसकी मन के लिए कोई मांग न हो.. क्यों की जब भी तुम कुछ न कुछ चाहोगे, तब तक दिमाग चलेगा...... और तुम...
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