अनुभव के अर्क से
जीवन के दीपक को जलाना
पीड़ा की आंधीओ से
उस दीपक को बुझने से बचाना
खतम करने की, जब आ जाये जरूरत
स्वयं की मर्जी से, अपने हाथों से उसको बुझाना
Consius level पर ज्यादा वही जी सकता है, जिसकी मन के लिए कोई मांग न हो.. क्यों की जब भी तुम कुछ न कुछ चाहोगे, तब तक दिमाग चलेगा...... और तुम...
No comments:
Post a Comment